एक विद्यार्थी की दिनचर्या कैसी हो? | Vidyarthi Ki Dincharya

एक विद्यार्थी की दिनचर्या कैसी हो?

एक विद्यार्थी की दिनचर्या ऐसी होनी चाहिए जो उसे वीर्यवान, ब्रह्मचारी, बलवान, बुद्धिमान, अच्छा स्वास्थ्य प्रदान कर सके विद्या के साथ-साथ उसका बल भी बढ़ता जाए।

आज के युग में खासतौर से जो स्कूलों में पढ़ने वाले बालक हैं उनकी दिनचर्या सबसे ज्यादा बेकार होती है जिसके कारण दिन प्रतिदिन उनका शरीर धीरे-धीरे रोगों का घर बनता जाता है। हमारे इतिहास में पढ़ने वाले बालकों को ब्रह्मचारी कहा जाता था वें ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करते थे यह ब्रह्मचर्य काल कहा जाता था ब्रह्मचर्य काल में जैसे जैसे विद्या बढ़ती है वैसे-वैसे ब्रह्मचारी भी बलवान होता जाता है ऐसी भावना भूतकाल में हमारे श्रेष्ठ आर्यावर्त में रहती थी।

तभी तो हम उन वीरों की गाथाएं आज तक सुनते आते हैं और उन वीरों के किस्से जितने सुनते हैं उतना ही हमारा आनंद बढ़ता जाता है और फिर मन में यही सवाल उठता है काश हमें भी बचपन में कोई ऐसी श्रेष्ठ दिनचर्या के बारे में बताता भोजन व्यायाम के बारे में बताता जिससे कि हमारी विद्या के साथ साथ हमारा बल भी बढ़ता जाता।

श्रेष्ठ दिनचर्या वह होती है जिसके पालन के बाद कोई भी बालक बुद्धिमान बनता है वीर्यवान बनता है क्योंकि वह अपने पूरे दिन को बंधे बंधाए नियमों के अनुसार जीता है। एक विद्यार्थी की दिनचर्या एसी होनी चाहिए की उसके पास व्यर्थ की बातो का समय ही ना हो पूरा समय अपनी उनत्ती में ही लगाना चाहिए क्योकि आज का तप भविष्य में विद्यार्थी को सारे आनन्द देने वाला है।

पुरे लेख की सुचना

एक विद्यार्थी की दिनचर्या कैसी हो ?

एक विद्यार्थी की दिनचर्या कैसी हो?

यहाँ मैं आपको विद्यार्थी की दिनचर्या के कुछ श्रेष्ठ नियम लिख कर दूंगा जिनके पालन से आपको बहुत अधिक लाभ होगा।

विद्यार्थी को सुबह कितने बजे तक उठना चाहिए

एक विद्यार्थी को सुबह 4:00 बजे तक उठ जाना चाहिए क्योंकि सुबह जल्दी उठने पर जो ब्रह्ममुहूर्त की ऊर्जा होती है वह आप को बुद्धिमान बनाती है आपके शरीर में ऊर्जा भर जाती है जो पूरी दिनचर्या में आपको बल उत्साह आनन्द देती है।

सुबह उठ कर क्या करें

जैसे ही आपकी सुबह आंखें खुलें आप अपने बिस्तर पर ही बैठ जाएं और आंखें बंद करके उस परमपिता परमात्मा का स्मरण बनाएं ओ३म या गायत्री मंत्र का जाप करें। 10 से 15 मिनट इसी अवस्था में बैठे रहे और ओ३म या गायत्री मंत्र का जाप करते रहे।

मुंह ओर आंखे धोने का नियम

आंखें धोने का और मुंह को धोने का श्रेष्ठ तरीका है सबसे पहले आप एक लोटे में मटके का पानी लीजिए या फिर नल या कुए का ताजा पानी ले सकते हैं जो जमीन से सीधा आता है।

  1. अब कुछ पानी मुंह में भर कर अच्छी प्रकार से कुल्ला कर लीजिए।
  1. कुल्ला करने के बाद फिर से मुंह को पानी से भर लीजिए ऐसा करने से आपके गाल फुल जाएंगे।
  1. अब ताजे जल के छींटे आंखों पर और मुंह पर मारिए।
  1. ऐसा करने से आपके गाल पिचके पिचके नहीं रहेंगे और आंखों की भी रोशनी बढ़ेगी।

इस प्रकार सुबह मुंह धोने से आलस भी नहीं रहेगा।

सुबह उठ कर पानी पीने का नियम

मुंह और आंख धोने के बाद अब आती है बारी पानी पीने की अब आप वही एक लोटा पानी का भर लीजिए लोटा यदि तांबे का हो या फिर मिट्टी का हो तो ज्यादा बेहतर है और पानी भी मिट्टी के घड़े का ही हो तो और भी ज्यादा बेहतर है।

अब एक लोटा पानी का भर ले और उकडू बैठ कर धीरे-धीरे घूंट भर भर कर पिए या फिर ओख लगा कर उस पानी को पिए। जब आप जल को तांबे के लोटे या मिट्टी के लोटे में लेते हैं तो उसका गुण परिवर्तन हो जाता है और वह शरीर के लिए लाभदायक हो जाता है। और जब आप उस जल को ओख लगा कर पीते हैं तो और भी अच्छा होता है।

अब शौच के लिए जाएं

पहले का समय ज्यादा अच्छा था घर में कोई लैट्रिंग आदि करता नहीं था सभी अपना पानी वगैरह पीकर बाहर खेतों की तरफ चले जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं अब तो घरों में ही सब कुछ करना पड़ता है और फिर यही गंद नालियों के माध्यम से नदियों में चला जाता है जिसके साथ साथ साबुन और केमिकल भी जाता है और अधिक पानी बेकार होता है जो शौचालय साफ करने के काम आता है।

इसे विकास नहीं विनाश बोला जाता है परंतु आज के समय कौन इन बातों को सोचता और समझता है सभी सरकारों को लगी पड़ी है विकास के नाम पर किस प्रकार से इस धरती का शीघ्र अतिशीघ्र नाश किया जाए।

नोट :- यदि आपका पेट साफ ना हो तो आप थोड़ा सा शरीर को हिला डूलाल फिर पेट साफ़ हो जाएगा।

शौच के बाद व्यायाम का नियम

विद्यार्थियों को व्यायाम भी ऐसा करना चाहिए जिसमें उन्हें अत्यधिक समय भी ना लगे और 1 घंटे में व्यायाम भी हो जाए और व्यायाम के लाभ भी मिल जाएँ। विद्यार्थियों के लिए सबसे श्रेष्ठ व्यायाम ब्रह्मचारी राममूर्ति जी के व्यायाम के अलावा भला और कौन सा हो सकता है।

ब्रह्मचारी राममूर्ति जी के व्यायाम में वह विशेषता है जिसमे आपके प्राणायाम और व्यायाम दोनों होजाते हैं।

विद्यार्थियों ब्रह्मचारी राममूर्ति का 1 घंटे व्यायाम का अभ्यास कैसे करें?

मित्रों मैंने इस विषय पर पहले ही एक वीडियो विस्तार से बना रखी है 1 घंटे के व्यायाम में राममूर्ति जी की विधि से आप क्या क्या करें वह आप इस वीडियो को अच्छी प्रकार से देख लें।

व्यायाम के बाद नहाने का नियम

व्यायाम करने के बाद बात आती है नहाने की और दांत साफ करने की नहाने से पहले आप अच्छी प्रकार से अपने दांतो की सफाई करें उसके लिए आप किसी प्रकार की दातुन का प्रयोग कर सकते हैं।

यदि आपको दातुन ना मिले तो आप सेंधा नमक में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर उसमें सरसों के तेल की कुछ बूंदे मिलाकर पेस्ट बना लें अब इसे अच्छी प्रकार दांतों पर आगे पीछे ऊपर नीचे मसूड़ों पर मसाज करें फिर अच्छी प्रकार से कुल्ला कर लें।

व्यायाम और नहाने के बीच कितना अंतर होना चाहिए

यह सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आपको यह मालूम होना चाहिए कि व्यायाम और नहाने के बीच हमें कितना अंतर रखना चाहिए और कभी आपातकाल में व्यायाम के कुछ देर बाद ही नहाना पड़े तो कौन सी विधि अपनाएं जिससे शरीर को कोई हानी ना पहुंचे।

व्यायाम और नहाने के बीच में 30 मिनट का अंतर होना चाहिए जब हम व्यायाम करते हैं तो हमारा शरीर गर्म हो जाता है और पसीने भी आते हैं तो अचानडालते हैं तो सर्द गर्म होने का खतरा बन जाता है। इसी कारण से हमें व्यायाम के 30 मिनट बाद नहाना चाहिए 30 मिनट तक आप शवासन कर सकते हैं या फिर 15 मिनट शवासन कीजिए और 15 मिनट अपने दांत साफ करने में लगाइए।

व्यायाम के तुरंत बाद कभी नहाना पड़ जाए तो क्या करें?

व्यायाम के तुरंत बाद कभी आपको नहाना पड़ जाए तो आप सबसे पहले पेशाब करें फिर उसके बाद नहाने से कोई समस्या नही होगी ज्यादा खतरा टल जाएगा। परंतु मैं आपको यही सलाह दूंगा कि व्यायाम के 30 मिनट बाद ही नहाना चाहिए।

विद्यार्थी का नहाने का तरीका कैसा हो?

नहाने के लिए आपको किसी भी प्रकार का साबुन या शैंपू प्रयोग नहीं करना चाहिए साबुन के स्थान पर आप चने के आटे में थोड़ी मलाई मिलाकर पेस्ट बनाकर शरीर पर लगाकर नहा सकते हैं या मुल्तानी मिट्टी लगाकर नहा सकते हैं।

केमिकल युक्त शैंपू के स्थान पर आप रीठे से अपने सिर को बालों को अच्छी प्रकार से धो सकते हैं।

ऐसा करने से आप केमिकल आदि जहर से बचेंगे और शुद्ध तरीके से नहाएंगे नहाने के बाद आप तौलिए से अच्छी प्रकार से शरीर को रगड़ कर पोछिए।

विद्यार्थी सुबह क्या खाएं?

सुबह का खाना आपका ऐसा होना चाहिए जो कि बलवर्धक हो बुद्धिवर्धक हो शुद्ध सात्विक हो जैसे गर्मियों के मौसम में जो का दलिया या दही आप खा सकते हैं कभी आटे का हलवा भी आप खा सकते हैं।

सर्दियों के मौसम में आप सुबह गाजर की खीर खा सकते हैं गाजर का हलवा खा सकते हैं और ऊपर से दूध पी सकते हैं बाजरे की खिचड़ी खा सकते हैं।

विद्यार्थी स्कूल में खाने को कैसे लेकर जाएं?

यह बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण बात है आज के समय में बच्चे स्कूलों में जो भोजन लेकर जाते हैं उसे ले जाने का तरीका बहुत ही ज्यादा गलत है बंद प्लास्टिक के डिब्बे में और Aluminium Foil में लपेटकर भोजन को ले जाते हैं। ये आपकी म्न्द्बुधिता ही है की आपने अपने जीवन में इतना सारा केमिकल डाल लिया केवल एक दुसरे को देख कर।

आपको अपना खाना स्कूल में ले जाने के लिए रोटी को लपेटने के लिए कपडे के छलने का प्रयोग करना चाहिए उसके अंदर से हवा पास होती है जिससे रोटी सही रहती है।

शाम को बनाए टहलने की आदत

शाम को आपको आधा घंटा पैदल चलने की आदत बनानी चाहिए यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा रहेगा 30 मिनट का पैदल चलने का व्यायाम अधिक भी नहीं है और कम भी नहीं है यह आपके स्वास्थ्य को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

विद्यार्थी का शाम का भोजन कैसा होना चाहिए?

शाम का भोजन दोपहर के भोजन से कुछ हल्का होना चाहिए या फिर आप अपनी भूख के अनुसार जैसा भोजन करना चाहे वैसा कर सकते हैं इसमें कोई रोक-टोक नहीं है बस भूख ना हो तो कुछ भी भारी खाना ना खाएं।

सोने से कितनी देर पहले दूध पिए?

एक महत्वपूर्ण बात है जो कि आपको मालूम होनी चाहिए देखिए रात को सोने से पहले हम दूध पीते हैं तो वह हमारे शरीर को अधिक बल प्रदान करता है।

रात को सोने से 30 मिनट पहले आपको हल्का गुनगुना दूध पीलेना चाहिए बस आपको एक बात ध्यान रखनी है सोने से पहले यदि आपने कुछ खाया पिया है तो निश्चित रूप से आपका पेट भारी होगा और उस समय आपको नहीं सोना चाहिए रात को पेट भारी होने के कारण स्वपनदोष की समस्या हो सकती है।

रात को कितने बजे तक सो जाएं

रात को आपको 10:00 बजे तक सो जाना चाहिए अधिक देर करने से आप फिर सुबह देर तक सोएंगे और देर तक सोने से आप सुबह जल्दी उठने के फायदे नहीं ले पाएंगे और आपकी सुबह की अच्छी दिनचर्या नहीं बन पाएगी तो अपने नियम इस प्रकार से बनाए कि आप रात को 10:00 बजे तक सो जाएं।

विद्यार्थियों की पढ़ाई का श्रेष्ठ समय क्या है?

आज हम यह देखते हैं कि पढ़ने वाले बच्चे यानी विद्यार्थी रात को देर तक पढ़ते हैं 1, 2 बजे तक पढ़ते रहते हैं फिर सुबह देर तक खराटे मारते रहते हैं ब्रह्ममुहूर्त में नहीं उठते हैं।

रात को देर तक जागने के कारण सुबह स्कूल जाने से कुछ देर पहले ही उठते हैं यानी कि 6 या 7 बजे के आसपास जो कि बिल्कुल ही गलत दिनचर्या है।

यदि आपके पेपर आदि हैं किसी विशेष प्रतियोगिता की तैयारी है तो रात को देर तक जागने के स्थान पर आप सुबह जल्दी उठकर भी पढ़ सकते हैं।

यदि आप सुबह तीन 3:30 बजे उठ जाए और उस समय पढ़ें तो आप को पढ़ा हुआ ज्यादा याद रहेगा और ब्रह्ममुहूर्त में उठने कारण आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

मान लीजिए आप कुछ विशेष तैयारी आदि करनी है पेपरों की तैयारी करनी है किसी प्रतियोगिता की तैयारी करनी है तो आप रात को जल्दी सो जाएं 9, 9:30 बजे तक सो जाएं और सुबह जल्दी उठ जाएं 3:00 बजे तक और सुबह आप जल्दी उठकर अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।

यदि आप ऐसी दिनचर्या बनाएंगे तो निश्चित रूप से आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा और आपका शरीर बलवान बनेगा और आप निरोगी होकर बुद्धिमान होकर अपना जीवन जी पाएंगे।

विद्यार्थी के लिए सात्विक ताकतवर भोजन की सूचि

सब्जी और दाल आदितोरी, घिया, अरवी, पका हुआ पिला पेठा जो बडा पता आता है वो, पालक, बथुआ, हरी मुंग दाल, मुंग मसूर की दाल, उड़द की दाल ये पचने में थोड़ी भारी होती है परन्तु इसे 10 घंटे भिगो कर कूट पर बनाएंगे तो जल्दी पचेगी
रोटी क्या खाएंगर्मी में जौ, ज्वार, थोडा गेहू भी मिला सकते हैं चना, सर्दी में बाजरा, रागी
दूध घी में क्या खाएंयदि देसी गाय का दूध मिले तो इसे ही पिए , दूध, घी, दही, लस्सी, नूनी घी में धागे वाली मिसरी मिलकर खाएं काफी वीर्य बल बढेगा, खीर, देसी घी का हलवा

विद्यार्थी के विकास के लिए कुछ अच्छी पुस्तकें जरुर पढ़ें

ब्रह्मचर्य के मार्ग को सरल बनाने वाली पीडीएफ जरूर पढ़ें ब्रह्मचर्य का सरल मार्ग

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FAQ

मनुष्य की दिनचर्या क्या होनी चाहिए?

मनुष्य की दिनचर्या ऐसी होनी चाहिए जो उसे निरोगी बनाएं बलवान बनाएं बुद्धिमान बनाएं।

दिनचर्या कैसे शुरू करें?

जब आप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें तो उठते ही जिस आसन पर बैठे हैं वही आंखें बंद करके ओम या गायत्री मंत्र का कुछ देर जाप करें उसके बाद अपनी दिनचर्या शुरू करें।

दैनिक जीवन में दिनचर्या का महत्व क्या है?

यदि आप श्रेष्ठ दिनचर्या के नियमों का अपने दैनिक जीवन में प्रयोग करते हैं तो उससे आप के रोग दूर होते हैं आप बलवान बनने लगते हैं आप बुद्धिमान बनने लगते हैं व्यर्थ के विचार आपको परेशान नहीं करते आप केवल अपने लक्ष्य की तरफ अपनी एकाग्रता को अधिक बढ़ा लेते हैं।

जरूर पढ़ें:- सुबह जल्दी उठने के 10 फायदे क्या है?

दिनचर्या क्या है स्पष्ट?

दिनचर्या वह है जिसमें आप कब सोएंगे कब उठेंगे क्या व्यायाम करेंगे किस समय पड़ेंगे यानी स्वाध्याय करेंगे पूरी जानकारी होती है और उन्हें नियमों के अनुसार आप अपनी दिनचर्या का पालन करते हैं।

नोट:- यदि आपसे कोई ये पूछे की एक विद्यार्थी की दिनचर्या कैसी हो तो आप उसके साथ इस लेख को साझा जरूर करें जिससे सभी को लाभ मिले।

निष्कर्ष आपने इस लेख से क्या सीखा

एक विद्यार्थी की दिनचर्या कैसी हो इस लेख से आपने आज सीखा कि एक श्रेष्ठ दिनचर्या कैसी होनी चाहिए जिससे आपके शरीर का बल और बुद्धि दोनों का ही विकास हो यहां जो दिनचर्या मैंने आपको बताई है इसमें आप अपने अनुसार बदलाव कर सकते हैं बाकी सोने उठने के नियम यही रहेंगे। दोस्तों कमेंट में जरूर बताएं कि आपको यह लेख कैसा लगा धन्यवाद नमस्ते जी जय श्री राम 🙏

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